Uttarkand – The Coming of Chyavan Rishi

Uttarkand – The Coming of Chyavan Rishi

Part 127 of total 127 stories in the book Ramayana in Hindi.
  

एक दिन जब श्रीराम अपने दरबार में बैठे थे तो यमुना तट निवासी कुछ ऋषि -महर्षि च्यवन ऋषि जी के साथ दरबार में पधारे। कुशल क्षेम के पश्‍चात् उन्होंने बताया, “महाराज! इस समय हम बड़े दुःखी हैं। लवण नामक एक भयंकर राक्षस ने यमुना तट पर भयंकर उत्पात मचा रखा है। उसके अत्याचारों से त्राण पाने के लिये हम बड़े-बड़े राजाओं के पास गये परन्तु कोई भी हमारी रक्षा न कर सका।

Uttarkand – The Justice of the Dog

Uttarkand – The Justice of the Dog

Part 126 of total 127 stories in the book Ramayana in Hindi.
  

श्रीराम के शासन में न तो किसी को शारीरिक रोग होता था, न किसी की अकाल मृत्यु होती थी, न कोई स्त्री विधवा होती थे और न माता पिताओं को सन्तान का शोक सहना पड़ता था। सारा राज्य सब प्रकार से सुख-सम्पन्न था। इसलिये कोई व्यक्‍ति किसी प्रकार का विवाद लेकर राजदरबार में उपस्थित भी नहीं होता था।

Uttarkand – The Story of King Yayati

Uttarkand – The Story of King Yayati

Part 125 of total 127 stories in the book Ramayana in Hindi.
  

इस आश्‍चर्यजनक कथा को सुनकर सुमित्रानन्दन बोले, “हे प्रभो! ऐसे ही शाप की कोई और कथा हो तो सुनाइये।”

लक्ष्मण के जिज्ञासा देखकर कौशल्यानन्दन बोले, “नहुष के पुत्र राजा ययाति के दो पत्‍नियाँ थीं – एक शर्मिष्ठा और दूसरी देवयानी। शर्मिष्ठा दैत्यकुल के वृषपर्वा की कन्या थी और देवयानी शुक्राचार्य की। राजा को शर्मिष्ठा से विशेष स्नेह था।

Mary Postgate

Mary Postgate

Part 14 of total 14 stories in the book A Diversity of Creatures.
  

Of Miss Mary Postgate, Lady McCausland wrote that she was ‘thoroughly conscientious, tidy, companionable, and ladylike. I am very sorry to part with her, and shall always be interested in her welfare.’

Miss Fowler engaged her on this recommendation, and to her surprise, for she had had experience of companions, found that it was true. Miss Fowler was nearer sixty than fifty at the time, but though she needed care she did not exhaust her attendant’s vitality. On the contrary,

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